Breaking

फरार CSP नेहा पच्चीसिया को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं, FIR रद्द करने की याचिका दूसरी बेंच को भेजी गई

कटनी/जबलपुर | मध्य प्रदेश

जबलपुर। कटनी की निलंबित और फरार बताई जा रही CSP नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान फिलहाल उन्हें कोई अंतिम राहत नहीं मिली है। अपने खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त कराने और गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी का अवलोकन किया। इसके बाद प्रकरण को दूसरी बेंच के समक्ष भेजने का निर्णय लिया गया।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया गया। अब मामले में आगे की सुनवाई दूसरी बेंच के समक्ष होगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिका पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और आरोपों पर न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।

FIR निरस्त कराने और गिरफ्तारी से बचाव की मांग

नेहा पच्चीसिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने गिरफ्तारी से राहत देने का अनुरोध भी किया है। याचिका में बच्चों की परवरिश का हवाला देते हुए राहत मांगे जाने की बात सामने आई है।

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपने पक्ष में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का उल्लेख किया। इससे सुनवाई में कानूनी प्रावधानों और जांच से जुड़े दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

केस डायरी देखने के बाद दूसरी बेंच को भेजा मामला

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित केस डायरी पेश की गई, जिसका अदालत ने अवलोकन किया। इसके बाद प्रकरण को दूसरी बेंच के समक्ष भेजने का निर्णय लिया गया।

इस घटनाक्रम के बाद नेहा पच्चीसिया की याचिका पर तत्काल कोई अंतिम राहत नहीं मिली। अब अगली सुनवाई दूसरी बेंच के समक्ष होनी है। वहां याचिका में उठाए गए कानूनी सवालों और गिरफ्तारी से राहत की मांग पर आगे की कार्यवाही होगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दूसरी बेंच में सुनवाई की अगली तारीख क्या निर्धारित की गई है।

हत्या के मामले की जांच प्रभावित करने का आरोप

नेहा पच्चीसिया पर एक हत्या के मामले की जांच को प्रभावित करने का आरोप है। मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया चल रही है।

हत्या की जांच से जुड़े मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली, जांच को प्रभावित किए जाने के आरोप और संबंधित तथ्यों की पड़ताल अहम मानी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता पर अंतिम न्यायिक निर्णय आना बाकी है।

बेशकीमती जमीन के सौदे में हस्तक्षेप का भी आरोप

नेहा पच्चीसिया पर एक बेशकीमती जमीन के सौदे में हस्तक्षेप करने के आरोप भी सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हत्या की जांच और जमीन सौदे से जुड़े आरोपों के संदर्भ में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

राज्य सरकार की ओर से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का उल्लेख किए जाने के बीच मामले के कानूनी पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। हालांकि, जमीन के सौदे की पूरी जानकारी, कथित हस्तक्षेप का स्वरूप और संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

निलंबन के बाद से फरार बताई जा रहीं CSP

मामले के सामने आने के बाद गृह विभाग ने नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई। तब से वह फरार बताई जा रही हैं।

निलंबन और गिरफ्तारी से जुड़ी कार्रवाई के बीच नेहा ने हाईकोर्ट का रुख किया है। उनकी याचिका का उद्देश्य FIR को निरस्त कराना और गिरफ्तारी से राहत प्राप्त करना है।

अब दूसरी बेंच की सुनवाई पर टिकी निगाहें

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण दूसरी बेंच के समक्ष होने वाली कार्यवाही होगी। फिलहाल याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और गिरफ्तारी से राहत की मांग भी लंबित है।

आगे की सुनवाई में याचिका पर उठाए गए कानूनी सवालों, राज्य सरकार के पक्ष और केस डायरी से संबंधित पहलुओं पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, अदालत आगे क्या आदेश देगी, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस मामले में फिलहाल स्थिति यही है कि नेहा पच्चीसिया को हाईकोर्ट से अंतिम राहत नहीं मिली है, याचिका दूसरी बेंच को भेज दी गई है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय आना बाकी है।

Share this article

Subscribe

By pressing the Subscribe button, you confirm that you have read our Privacy Policy.
Bol24 News
B-35, Rajved colony, Kolar road, Bhopal

More News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *